रायपुर। ‘अमृत संदेश’ के रायपुर संस्करण का 42 वां स्थापना दिवस रायपुर प्रेस परिसर में मनाया गया। इस अवसर पर प्रधान संपादक गिरीश वोरा ने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। स्थानीय संपादक संजीव वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों को बधाई देते हुए पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि कॉलेज के समय से ही वे इस प्रेस में काम कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमे संस्थापक संपादक गोविंद लाल वोरा से काफी कुछ सीखने को मिला और हम धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। वर्मा ने कहा कि हिन्दी दैनिक ‘अमृत संदेश’ छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक लोकप्रिय समाचार पत्र है। यह समाचार पत्र लोगों के बीच सर्वाधिक पढ़े जाने वाला अखबार है। वरिष्ठ पत्रकार गोविन्दलाल वोरा ने रायपुर (वर्तमान में छत्तीसगढ़ की राजधानी) से 1 अक्टूबर 1984 को ‘अमृत संदेश’ का प्रकाशन शुरू किया था। तब से आज पर्यंत तक यह समाचार पत्र अपनी लोकप्रियता के दम पर लगातार नई बुलंदियों को छू रहा है।
प्रसार प्रबंधक चंद्रशेखर चौबे ने ‘अमृत संदेश’ का अपना अनुभव बताते हुए कहा कि “अमृत संदेश में मेरा कार्यकाल बेहद समृद्ध और सीखने वाला रहा है। यहाँ मुझे टीम वर्क, पाठकों और विज्ञापनदाताओं से सीधा जुड़ाव और एक परिवार जैसा माहौल मिला। प्रबंधन का सहयोग और अखबार की विश्वसनीयता के कारण ही हम लगातार नए मुकाम हासिल कर पा रहे हैं। ‘अमृत संदेश’ सिर्फ एक अखबार नहीं, हमारे लिए एक परिवार है। यहाँ हर चुनौती में मुझे सीनियर्स का मार्गदर्शन मिला और हर सफलता में पूरी टीम का साथ। पाठकों का जो भरोसा अमृत संदेश पर है, वही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यह काम करना गर्व की बात है। यहाँ की कार्य संस्कृति, पारदर्शिता और पाठकों से जुड़ाव ने मुझे प्रोफेशनली और व्यक्तिगत रूप से बहुत कुछ सिखाया है।”
महाप्रबंधक देवेंद्र पांडे ने कहा कि ‘अमृत संदेश’ से मेरा जुड़ाव सिर्फ एक नौकरी नहीं, एक परिवार जैसा रहा है। पिछले कई वर्षों में यहां मैंने सीखा कि कैसे पाठकों के भरोसे और विज्ञापनदाताओं के सहयोग से एक अखबार सिर्फ खबर नहीं, बल्कि लोगों की आवाज बनता है। प्रबंधन के मार्गदर्शन और पूरी टीम के सहयोग ने हर चुनौती को आसान बनाया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित साथियों और शुभचिंतकों का आभार किया।
इस अवसर पर प्रधान संपादक गिरीश वोरा, स्थानीय संपादक संजीव वर्मा, महाप्रबंधक देवेंद्र पांडे, विज्ञापन प्रबंधक सुधीर चौरिया और प्रांतीय संपादक शशिकांत वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

