फसल बीमा की राशि दिलाने के एवज में कुल बीमा राशि का 75 प्रतिशत मांगने का आरोप, ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथों पकड़े गए दोनों अधिकारी
कांकेर। जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर फसल बीमा प्रकरण तैयार कर बीमा राशि दिलाने के एवज में हितग्राही से कुल बीमा राशि का 75 प्रतिशत रिश्वत मांगने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आमाबेड़ा तहसील के ग्राम आलनार निवासी प्रार्थी सगाऊ राम कोमरा ने जगदलपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आमाबेड़ा में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण उर्फ रिंकू चंद्राकर और सुंदर लाल बच्छड़ द्वारा उसकी नष्ट हुई फसल का बीमा प्रकरण तैयार कर 90 हजार रुपये की बीमा राशि दिलाने के एवज में कुल बीमा राशि का 75 प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा जा रहा था।
प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत का सत्यापन किए जाने पर आरोप सही पाए जाने के बाद एसीबी ने 14 अक्टूबर 2026 को ट्रैप की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को प्रार्थी से पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
एसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 एवं 12 के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी करने वाले अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। वहीं, मामले ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगने की गंभीर समस्या को उजागर किया है।
