रायपुर। छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों की पात्रता की जांच के लिए सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है। विशेष रूप से गरीबी रेखा श्रेणी के कार्डधारकों की आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे के दौरान ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है, जिनके सदस्य नौकरी कर रहे हैं या जिनकी आय के अन्य स्रोत हैं, लेकिन वे अब भी गरीबी रेखा श्रेणी के राशन कार्ड के जरिए खाद्यान्न का लाभ ले रहे हैं। वर्ष 2024 में प्रदेश में 57,371 और वर्ष 2025 में 60,496 राशन कार्ड निरस्त किए गए थे। इस तरह दो वर्षों में कुल 1,17,867 कार्ड रद्द हुए। छत्तीसगढ़ के ई-पॉस पोर्टल पर सितंबर 2026 के वितरण संबंधी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कुल 83,31,947 राशन कार्ड दर्ज हैं।
सत्यापन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के सचिवों और सरपंचों को सौंपी गई है। उन्हें संबंधित परिवारों की जानकारी जुटाकर जांच रिपोर्ट खाद्य विभाग को सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर विभाग यह परीक्षण करेगा कि परिवार निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है, उनकी विशेष रूप से पड़ताल की जाएगी। हालांकि, परिवार के किसी सदस्य के नौकरीपेशा होने मात्र से राशन कार्ड स्वतः निरस्त नहीं होगा। पात्रता का फैसला लागू नियमों और निर्धारित शर्तों के अनुसार ही किया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना और अपात्र लोगों को मिलने वाले लाभ पर रोक लगाना है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर संबंधित राशन कार्डों पर निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि सत्यापन के दौरान दस्तावेजों या जानकारी में किसी तरह की त्रुटि के कारण पात्र परिवारों को सरकारी राशन के लाभ से वंचित न होना पड़े।
