नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शीर्ष नेतृत्व पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। आईजीआई एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके, मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। तीनों नेताओं के खिलाफ नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126/170 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट स्थित एसीएम (असिस्टेंट कमिश्नर/मजिस्ट्रेट) कोर्ट में दोपहर बाद पेश करने की तैयारी कर रही है। अदालत में पेशी के दौरान तीनों आरोपियों से भविष्य के आचरण को लेकर शांति व्यवस्था का मुचलका भरवाया जाएगा। यदि मजिस्ट्रेट उनके मुचलके या आचरण से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो अदालत के पास उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत यानी जेल भेजने का पूरा अधिकार रहेगा।
पुलिस की यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से बचाने के लिए प्रिवेंटिव एक्शन (निवारक कार्रवाई) के तहत की गई है। नए कानून में इस श्रेणी की कार्रवाई के लिए दो तरह के प्रावधान मौजूद हैं। कम खतरे की आशंका होने पर धारा 126/167 लागू होती है, जबकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराने और गंभीर संज्ञेय अपराध घटित होने के पुख्ता अंदेशे पर धारा 126/170 के तहत कठोर कदम उठाया जाता है। पुलिस का मानना है कि सीजेपी के इन नेताओं को खुला छोड़ने से शहर में बड़े पैमाने पर शांति भंग होने का गहरा जोखिम था, जिसके चलते उन पर यह सख्त धारा लगाई गई है।
तीनों नेता शनिवार सुबह मुंबई से नियमित उड़ान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे, जहां विमान के रनवे पर लैंड होते ही पुलिस ने एयरक्राफ्ट के अंदर दाखिल होकर उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर तीनों को अलग-अलग गोपनीय स्थानों पर रखा गया था। अब औपचारिक गिरफ्तारी और धाराओं के पंजीकरण के बाद दिल्ली की सियासत और अदालत की आगामी कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
