दुर्ग। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक का नाम परिवर्तन किए जाने की घोषणा पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि तेलीबांधा नाम केवल एक स्थान की पहचान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की स्थानीय स्मृतियों, सामाजिक परंपराओं और इतिहास से जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी स्थापित नाम को बदलने से पहले आम नागरिकों और संबंधित समाज की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
अरुण वोरा ने कहा कि तेलीबांधा नाम वर्षों से रायपुर की पहचान का हिस्सा रहा है। सरकार को नाम बदलने के बजाय शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे निर्णयों से पहले व्यापक जनसंवाद और सामाजिक सहमति जरूरी है।
जनभावनाओं का सम्मान करे सरकार
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन की घोषणा पर पुनर्विचार किया जाए और वर्षों पुरानी पहचान को यथावत रखा जाए।अरुण वोरा ने कहा कि यदि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो नागरिकों, सामाजिक संगठनों और संबंधित समुदायों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध का विषय नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की स्थानीय पहचान और ऐतिहासिक-सामाजिक स्मृतियों के संरक्षण का सवाल है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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