एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन : हिरासत से रिहा हुए राहुल और प्रियंका गांधी

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दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आकाशवाणी भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक-एक कर नेताओं को वहां से हटाया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा और पवन खेड़ा समेत 50 सांसदों को पुलिस ने डिटेन किया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा भी देखने को मिला। रात करीब 10 बजे पुलिस ने राहुल-प्रियंका गांधी समेत 50 सांसदों और करीब 250 नेताओं को किंग्सवे कैंप से रिहा किया।

राहुल गांधी करीब आठ घंटे से आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे थे। पुलिस जब प्रदर्शनकारी नेताओं को हटाने पहुंची तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद पुलिस राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को आकाशवाणी भवन के पिछले गेट से बाहर लेकर गई। राहुल गांधी ने कहा था कि वह चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिले बिना वहां से नहीं जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि सांसद चुनाव आयुक्त से मिलेंगे और उन्हें मिलना ही पड़ेगा।

राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का वीडियो कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। पार्टी ने वीडियो के साथ लिखा ‘सब याद रखा जाएगा।’ कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में लिखा “अंग्रेजों के खिलाफ लड़कर जीते थे, वोट चोरों के खिलाफ भी लड़कर जीतेंगे।” पोस्ट के साथ पार्टी ने मुट्ठी तानने वाला इमोजी भी लगाया।

इंडिया ब्लॉक के सांसद चुनाव आयोग और एसआईआर के खिलाफ आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठे थे। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक विरोध मार्च शुरू किया था। तिरंगा और ‘लोकतंत्र बचाओ’ लिखे बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया था।

विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान आकाशवाणी भवन के गेट को जबरदस्ती खोलने की कोशिश भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में चुनाव आयोग के दफ्तर से कुछ दूरी (जो 300 मीटर दूर है) पर धरने पर बैठे। राहुल गांधी के साथ केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी भी वहां मौजूद थे।