नई दिल्ली। भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने विश्व कप फाइनल में टीम के लिए मैच जिताऊ पारी खेलने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि हर मुकाबले में उनकी कोशिश टीम को जीत दिलाने वाले खिलाड़ी बनने की होती है। हालांकि, कोहली ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण भारत के लिए विश्व कप जीतना है। कोहली ने ये बातें वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज से पहले जियोस्टार को दिए इंटरव्यू में कहीं।
हर मैच में टीम को जिताना चाहते हैं कोहली:
कोहली ने अपनी प्रतिस्पर्धी प्रवृत्ति और दबाव में प्रदर्शन करने की इच्छा के बारे में बात करते हुए कहा कि वह हर मुकाबले में टीम को जीत दिलाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा ऐसा खिलाड़ी रहा हूं, जो हर मैच में टीम को जीत दिलाने वाला खिलाड़ी बनना चाहता है। मैं ऐसा ही बना हूं और यह चीज मुझसे कभी दूर नहीं होगी। इसलिए मेरा लक्ष्य टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना है और मेरा सपना है कि किसी विश्व कप फाइनल में लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच जिताऊ पारी खेलूं।’ हालांकि, कोहली ने यह भी कहा कि अगर उन्हें फाइनल में ऐसी पारी खेलने का मौका नहीं मिलता, लेकिन भारत विश्व कप जीत जाता है तो उन्हें उतनी ही खुशी होगी।
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‘विश्व कप जीतना सबसे महत्वपूर्ण’:
कोहली ने कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत प्रदर्शन से बड़ा लक्ष्य टीम के साथ विश्व कप ट्रॉफी जीतना है। उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा होता है तो बहुत अच्छा। अगर ऐसा नहीं होता, लेकिन हम विश्व कप जीत जाते हैं तो मैं उतना ही खुश रहूंगा। आखिरकार आप समझते हैं कि आपकी प्रतिस्पर्धी भावना अपनी जगह है, लेकिन यह आखिरी बार होगा जब आप विश्व कप खेल रहे होंगे। इसलिए ट्रॉफी जीतना सबसे महत्वपूर्ण चीज है।’ 37 वर्षीय कोहली के लिए 2027 का वनडे विश्व कप आखिरी विश्व कप होगा। दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक होने वाला यह टूर्नामेंट उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के इस बड़े अध्याय का अंतिम विश्व कप होगा।
2011 में चैंपियन, 2023 में मिली थी हार:
कोहली अब तक दो वनडे विश्व कप फाइनल खेल चुके हैं। 2011 में भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था और कोहली उस चैंपियन टीम का हिस्सा थे। इसके बाद 2023 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल खेला, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा। अब कोहली 2027 विश्व कप में एक बार फिर भारत को खिताब दिलाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने दबाव के बीच टीम को मुश्किल स्थिति से निकालने को बल्लेबाज के लिए सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक बताया।
उन्होंने कहा, ‘अगर मुझे ऐसा करने का मौका मिलता है तो एक बल्लेबाज के तौर पर क्रीज पर खड़े होकर इससे ज्यादा संतोषजनक कुछ नहीं है। आप खुद को ऐसी स्थिति में देखते हैं, जहां आप टीम को मुश्किल से बाहर निकाल रहे हैं। यही चीज आपको इस स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित करती है। मैं अपनी इस प्रतिस्पर्धी भावना को छोड़ना नहीं चाहता। लेकिन हां, बड़ा लक्ष्य हमेशा उससे भी बड़ा होता है।’
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अब सिर्फ वनडे क्रिकेट पर फोकस:
टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके कोहली अब सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। इस साल उनका प्रदर्शन भी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने छह पारियों में 64 की औसत से 384 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। कोहली के नाम अब 85 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं, जबकि भारत में उन्होंने 41 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। वह घरेलू वनडे क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के 6,976 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने से 110 रन दूर हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होगी तैयारी:
भारत की नई घरेलू वनडे सीरीज की शुरुआत रविवार से वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों के मुकाबले से होगी। टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि रोहित शर्मा और विराट कोहली भी टीम का हिस्सा हैं। वेस्टइंडीज सीरीज के बाद भारत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच और श्रीलंका के खिलाफ तीन वनडे खेलने हैं। 2027 की शुरुआत में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे भी प्रस्तावित हैं। ये मुकाबले विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।
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