कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित कांशीराम अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में उनके निजी ड्राइवर ने ओपीडी में मरीजों की जांच की और उन्हें दवाइयों के पर्चे भी लिखे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
डॉक्टर की गैरमौजूदगी में ड्राइवर ने देखे मरीज
बताया जा रहा है कि अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी (ईएमओ) डॉ. रामकेश अदालती सुनवाई के सिलसिले में अस्पताल से बाहर गए थे। इसी दौरान उनके निजी ड्राइवर ‘देव’ के ओपीडी में बैठकर मरीज देखने का आरोप है।वायरल वीडियो में एक व्यक्ति मरीजों को ओपीडी में बुलाता, उनकी जांच करता और पर्चे पर दवाइयां लिखता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर ड्राइवर ओपीडी तक कैसे पहुंचा, उसने कितने मरीजों को देखा और क्या इस तरह की घटना पहले भी हुई थी।अस्पताल प्रबंधन की ओर से आरोपी ड्राइवर के खिलाफ स्थानीय पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
मरीजों की सुरक्षा पर उठे सवाल
बिना अधिकृत चिकित्सकीय योग्यता के किसी व्यक्ति द्वारा मरीजों की जांच और दवा लिखे जाने के आरोप ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों के दौरान गलत दवा या उपचार मरीज के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी होने का इंतजार है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि घटना में किस स्तर की लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
