लालमैदान दुर्गोत्सव का 55वां वर्ष, ‘रंगीलो राजस्थान’ थीम पर सजेगा भव्य पंडाल; विधि-विधान से हुआ भूमिपूजन

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भिलाई। लालमैदान में शारदीय नवरात्र उत्सव 2026 की तैयारियों का विधिवत शुभारंभ हो गया है। मातारानी के भव्य पंडाल के निर्माण से पहले सुभाष नवयुवक जागृति समिति, लालमैदान, पावरहाउस की ओर से कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पूरे विधि-विधान और वैदिक रीति-रिवाज से भूमिपूजन कराया गया। पंडित बृजवासी जी महाराज और पंडित बद्रीनाथ जी ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजन संपन्न कराया। इस दौरान समिति के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु, व्यापारी, क्षेत्रवासी, पत्रकार और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स मौजूद रहे। भूमिपूजन के बाद ‘जय माता दी’ संदेश लिखे रंग-बिरंगे और दिल के आकार के गुब्बारे आसमान में छोड़े गए। जय माता दी, जय भवानी और लालमैदान महारानी के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

लालमैदान दुर्गोत्सव की 54 वर्षों पुरानी परंपरा इस वर्ष 55वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। समिति लंबे समय से यहां शारदीय नवरात्र के दौरान मातारानी के आकर्षक और अनोखे पंडाल का निर्माण कर भव्य आयोजन करती आ रही है। लालमैदान का दुर्गा पंडाल भिलाई-दुर्ग ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचते हैं और मातारानी के दर्शन के साथ भव्य पंडाल का आनंद लेते हैं। भूमिपूजन के साथ ही अब पंडाल निर्माण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

इस वर्ष लालमैदान में पंडाल की थीम ‘रंगीलो राजस्थान’ रखी गई है। पंडाल के जरिए राजस्थान की कला, संस्कृति, परंपराओं और रंग-बिरंगी विरासत को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के अनुसार थीम में ‘विविधता में एकता’ के संदेश को प्रमुखता दी जाएगी, जिसमें देश की अलग-अलग संस्कृतियों, परंपराओं और कलाओं के मेल से भारत की एकता और अखंडता को दर्शाया जाएगा। आने वाले दिनों में पंडाल निर्माण के लिए बांस-बल्लियों और अन्य सामग्री को लालमैदान पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल से आने वाले विशेष कारीगर भव्य पंडाल के निर्माण का काम शुरू करेंगे।

भूमिपूजन कार्यक्रम में समिति के पूजा प्रभारी और सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में पावरहाउस क्षेत्र के व्यापारीगण, पत्रकार, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, नगरवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने मातारानी के महाप्रसाद का ग्रहण किया। समिति की ओर से बताया गया कि भूमिपूजन के साथ ही शारदीय नवरात्र उत्सव की तैयारियां पूरी गति से आगे बढ़ेंगी और इस वर्ष ‘रंगीलो राजस्थान’ थीम पर आधारित भव्य पंडाल के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को यादगार बनाने की तैयारी की जा रही है।