दूध से होती है गैस तो इन ड्रिंक्स से पूरी करें कैल्शियम की कमी, हड्डियों को भी मिलेगा फायदा

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दूध सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन हर किसी का शरीर इसे आसानी से पचा नहीं पाता। कुछ लोगों को दूध पीने के बाद गैस, पेट फूलना, भारीपन या दस्त जैसी परेशानी हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि शरीर को कैल्शियम मिलना बंद हो जाए।

कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के साथ मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए भी जरूरी है। ऐसे में अगर दूध आपकी डाइट का हिस्सा नहीं बन पा रहा है, तो कुछ दूसरे कैल्शियम युक्त ड्रिंक्स को आजमाया जा सकता है।

सोया मिल्क से करें दिन की शुरुआत
सोया मिल्क उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो डेयरी मिल्क नहीं पीते। इसमें प्राकृतिक रूप से प्रोटीन होता है और कई पैक्ड सोया मिल्क कैल्शियम व विटामिन डी से फोर्टिफाइड होते हैं।बस खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें, क्योंकि हर सोया मिल्क में कैल्शियम की मात्रा समान नहीं होती।

बादाम मिल्क भी है विकल्प
बादाम से बना मिल्क डेयरी फ्री डाइट लेने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें विटामिन ई पाया जाता है और फोर्टिफाइड उत्पादों में कैल्शियम भी अच्छी मात्रा में मिल सकता है।अगर आप इसे हड्डियों की सेहत के लिए ले रहे हैं, तो ऐसा उत्पाद चुनें जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी अतिरिक्त रूप से मौजूद हो।

रागी का माल्ट देगा कैल्शियम
रागी को कैल्शियम वाले अनाजों में शामिल किया जाता है। इससे तैयार किया गया माल्ट या ड्रिंक दूध का एक अलग और पौष्टिक विकल्प हो सकता है।रागी से कैल्शियम के साथ फाइबर भी मिलता है। इसे बनाते समय चीनी की मात्रा कम रखना बेहतर रहेगा।

तिल से बनाएं हेल्दी शेक
छोटे से दिखने वाले तिल में कैल्शियम समेत कई जरूरी मिनरल पाए जाते हैं। तिल को पानी, फलों या अन्य सामग्री के साथ मिलाकर शेक तैयार किया जा सकता है।जो लोग कम डेयरी लेते हैं, उनके लिए तिल को डाइट में शामिल करना कैल्शियम का सेवन बढ़ाने का एक तरीका हो सकता है।

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दही से बनाएं स्मूदी
दूध से परेशानी होने के बावजूद कुछ लोग दही या योगर्ट को आसानी से पचा लेते हैं। इनमें कैल्शियम और प्रोटीन दोनों होते हैं।दही में केला, बेरीज या दूसरे फलों को मिलाकर पौष्टिक स्मूदी तैयार की जा सकती है। हालांकि, अगर दही खाने से भी पाचन संबंधी परेशानी होती है तो इसे लेने से बचें।

फोर्टिफाइड जूस भी हो सकता है विकल्प
मार्केट में कुछ ऐसे जूस उपलब्ध हैं जिनमें कैल्शियम और विटामिन डी मिलाया जाता है। दूध न पीने वाले लोगों के लिए ये कभी-कभी कैल्शियम लेने का विकल्प बन सकते हैं।लेकिन जूस खरीदते समय उसमें मौजूद चीनी की मात्रा जरूर जांचें। रोजाना ज्यादा मीठे पेय पीना सेहत के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जाता।

सिर्फ कैल्शियम से नहीं बनेंगी हड्डियां मजबूत
हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम के साथ विटामिन डी और पर्याप्त प्रोटीन भी जरूरी हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि, खासकर वजन उठाने वाली एक्सरसाइज, हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है।इसलिए कैल्शियम के लिए सिर्फ एक ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय डाइट में अलग-अलग पौष्टिक चीजों को शामिल करना बेहतर है।

दूध पीने पर बार-बार होती है परेशानी तो ध्यान दें
अगर दूध पीने के बाद लगातार गैस, पेट दर्द, पेट फूलना या दस्त जैसी समस्या होती है, तो यह लैक्टोज इनटॉलरेंस से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, ऐसे लक्षणों के पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।ऐसी स्थिति में खुद से सभी डेयरी उत्पाद बंद करने के बजाय डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है। सही विकल्प चुनकर दूध के बिना भी डाइट में पर्याप्त कैल्शियम शामिल किया जा सकता है।