खनिज पारिस्थितिकी तंत्र में छत्तीसगढ़ ने अपनी भूमिका को किया और भी मजबूत

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पांच खनिज ब्लॉक नीलामी की 8वीं श्रृंखला में शामिल ,महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी में छत्तीसगढ़ की बड़ी भूमिका

०रायपुर में आयोजित रोड शो में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेश और खनिज विकास पर दिया जोर, केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने उद्योगों से अधिक भागीदारी का किया आह्वान

रायपुर । भारत के महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज पारिस्थितिकी तंत्र में छत्तीसगढ़ ने अपनी भूमिका और मजबूत कर ली है। खान मंत्रालय की ओर से मंगलवार को रायपुर में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी की 8वीं श्रृंखला को लेकर रोड शो आयोजित किया गया। इस श्रृंखला में देश के नौ राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक शामिल किए गए हैं, जिनमें पांच ब्लॉक छत्तीसगढ़ के हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे भी मौजूद रहे। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और अन्य हितधारक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के समृद्ध खनिज संसाधनों को रेखांकित करते हुए कहा कि खनिज संपदा राज्य के साथ-साथ देश के औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने खनिज संसाधनों के त्वरित विकास, अधिक निवेश और केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत और निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेश को सुगम बनाने और सतत खनिज विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों को देश की आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विकास, स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीकों के लिए बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि इन खनिजों की खोज और विकास की गति बढ़ाने के साथ उद्योग एवं निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने खनिजों की पूरी मूल्य श्रृंखला में घरेलू क्षमता विकसित करने को खनिज सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास मजबूत खनन एवं औद्योगिक आधार के साथ नई खनिज मूल्य श्रृंखलाएं विकसित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश से नए औद्योगिक केंद्र विकसित होने, आधारभूत संरचना मजबूत होने और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार एवं आर्थिक अवसर बढऩे की उम्मीद है। उन्होंने राज्य में उपलब्ध आधारभूत संरचना, कुशल कार्यबल और संस्थागत सहयोग को दीर्घकालिक निवेश के लिए मजबूत आधार बताया।

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सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने निवेशकों से छत्तीसगढ़ की खनिज क्षमता का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने तेज परिचालन, पारदर्शी खनन प्रक्रियाओं और तकनीक आधारित खनिज निगरानी की दिशा में राज्य की पहलों की जानकारी दी। उन्होंने आदिवासी टिन संग्राहकों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए टिन पोर्टल और टिन युक्त संसाधनों से कोलंबाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज से जुड़ी पहलों का भी उल्लेख किया।
खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि नीतिगत सुधारों, पारदर्शी नीलामी और परियोजनाओं के तेज परिचालन से देश का महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। अब तक नीलामी के लिए प्रस्तुत 88 महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों में से 56 की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। नीलामी की 8वीं श्रृंखला में नौ राज्यों में फैले 20 ब्लॉक शामिल हैं। इनमें 17 समग्र अनुज्ञप्ति और तीन खनन पट्टा वाले ब्लॉक हैं। इन ब्लॉकों में ग्रेफाइट, दुर्लभ मृदा तत्व, दुर्लभ धातु, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन, पोटाश, फॉस्फोराइट और ग्लॉकोनाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।

खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव संदीप कदम ने महत्वपूर्ण खनिजों को भारत की आर्थिक प्रगति, ऊर्जा सुरक्षा और सामरिक उद्योगों के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि केवल खनन तक सीमित रहने के बजाय प्रसंस्करण, परिशोधन और मूल्य संवर्धन पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों का तेजी से संचालन सुनिश्चित करने और मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए केंद्र, राज्य और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।रोड शो के दौरान तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें एनएमईडीटी के महानिदेशक पंकज गर्ग ने समग्र अनुज्ञप्ति धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से जुड़ी योजना की जानकारी दी। इसके बाद संभावित बोलीदाताओं को नीलामी की 8वीं श्रृंखला में शामिल खनिज ब्लॉकों, नीलामी व्यवस्था, निविदा दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक नीलामी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। संभावित बोलीदाताओं के साथ संवाद के दौरान उनकी शंकाओं और सवालों का समाधान भी किया गया।

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रोड शो के बाद खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र की अध्यक्षता में खनिज ब्लॉक आवंटियों और पसंदीदा बोलीदाताओं के साथ समीक्षा बैठक हुई। इसमें आवंटित ब्लॉकों को जल्द शुरू करने की दिशा में प्रगति की समीक्षा की गई और परियोजनाओं के सामने आ रही प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई। केंद्र और राज्य के अधिकारियों ने समयबद्ध समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। बैठक में आवंटियों को कार्यान्वयन से जुड़ी समस्याएं रखने और जरूरी सहयोग प्राप्त करने का अवसर भी मिला।यह रोड शो छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में निवेश और निजी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पांच खनिज ब्लॉकों के नीलामी की 8वीं श्रृंखला में शामिल होने से राज्य के खनिज संसाधनों के नए दोहन, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढऩे की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। इसके साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और खनिज-सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की भूमिका और महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है।