नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि, वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव और बाहरी दबावों के बावजूद भारत अपनी विकास रफ्तार को मजबूती से बनाए रखने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश ने 7.8% की जीडीपी वृद्धि दर्ज की, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का स्पष्ट संकेत है।
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जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान दिए एक इंटरव्यू में सीतारमण ने स्वीकार किया कि, भारत अब भी कच्चे तेल और उर्वरकों का बड़ा आयातक है, लेकिन इसके बावजूद देश ने वैश्विक बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है। उन्होंने बताया कि, मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र 9.2% और वित्तीय व पेशेवर सेवाएं 12.1% की दर से बढ़ रही हैं।
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वित्त मंत्री ने लगभग 700 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार, यूपीआई, एनपीसीआई और क्यूआर कोड जैसी डिजिटल व्यवस्था को अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि, इन सुधारों ने छोटे कारोबारों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने में मदद की है और भारत को निवेशकों के लिए भरोसेमंद अर्थव्यवस्था बनाया है।
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