रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सत्ता पक्ष के विधायक रिकेश सेन को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला बुधवार को सदन में जमकर गूंजा। विपक्ष ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार से तत्काल वक्तव्य की मांग की, लेकिन आसंदी द्वारा व्यवस्था देने से इंकार किए जाने पर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
शून्यकाल में मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को ही इस मामले में गृहमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया था, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट वक्तव्य नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यह एक विधायक की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है और सरकार को सदन में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बघेल ने कहा कि जब तक सरकार जवाब नहीं देती, विपक्ष सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेगा।
पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने भी आसंदी से इस मामले में व्यवस्था देने की मांग करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों को विशेष अधिकार और सुरक्षा मिलती है। यदि कोई विधायक खुद को असुरक्षित बता रहा है तो यह पूरे सदन की सुरक्षा का मामला बन जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस पर स्पष्ट वक्तव्य आना चाहिए।
हालांकि आसंदी ने व्यवस्था देने से इंकार करते हुए कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में आ चुका है और अलग से वक्तव्य देने की जरूरत नहीं है। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही से वॉकआउट कर दिया। इधर विधायक रिकेश सेन ने अपनी सुरक्षा को लेकर कहा कि विपक्ष बिना पूरी जानकारी के इस मुद्दे को उठा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह चिंतित है और उन्होंने इस संबंध में पूरी जानकारी सरकार और संसदीय कार्यमंत्री को दे दी है।
सेन ने कहा कि भिलाई के एक युवक द्वारा कुछ वीडियो जारी किए गए थे, जिनमें उनके खिलाफ साजिश और हत्या जैसे विषयों का जिक्र किया गया था। उन्होंने इसे एक साजिश बताते हुए कहा कि इस संबंध में गृह मंत्री विजय शर्मा को भी जानकारी दे दी गई है और सरकार मामले को गंभीरता से देख रही है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार इस तरह के वीडियो और अफवाहें फैलती रहती हैं। यदि कोई साजिशकर्ता होगा तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर विधानसभा में राजनीतिक माहौल गर्मा गया।
