नेपाल आपदा: छत्तीसगढ़ के 2 नागरिक अब भी लापता, 5 सुरक्षित लौटे, सरकार ने तेज किए राहत प्रयास

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रायपुर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद छत्तीसगढ़ के नागरिकों को लेकर चिंता बनी हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार लगातार नेपाल में फंसे प्रदेशवासियों की जानकारी जुटा रही है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से जुड़े 9 नागरिकों का पता चला है। इनमें रायपुर के 5 नागरिक सुरक्षित हैं और वापस लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि बिलासपुर और सुरगुजा की दो महिलाएं अब भी लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश के लिए नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।

प्रशासन के अनुसार रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव, जो 22 अगस्त को नेपाल गई थीं, उनके परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी के संबंध में भी परिजनों से संपर्क हो चुका है। प्रशासन उनकी स्थिति का सत्यापन कर आवश्यक समन्वय कर रहा है।

दूसरी ओर बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी और सुरगुजा निवासी डॉ. मीना गुप्ता अब भी लापता हैं। प्रियंका चौधरी फिनलैंड की नागरिक हैं, जबकि डॉ. मीना गुप्ता यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं। डॉ. मीना का अंतिम लोकेशन नेपाल-चीन सीमा स्थित रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय के पास बताया गया है। दोनों की तलाश के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय जारी है।

इस बीच राहत की खबर यह है कि रायपुर के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर पूरी तरह सुरक्षित हैं। ये सभी 21 अगस्त को नेपाल गए थे और अब रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन, राज्य नियंत्रण कक्ष, नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि नेपाल गए किसी भी छत्तीसगढ़ निवासी की जानकारी होने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें।