मोदी ने अपने आवास पर स्कूली छात्राओं के साथ मनाया रक्षा बंधन

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नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने आधिकारिक आवास पर स्कूली छात्राओं और महिलाओं के साथ रक्षाबंधन मनाया, जहां हाथ से बनाई गई राखियों, हंसी-खुशी भरी बातचीत और बच्चों की मासूम हंसी ने इसे यादगार अवसर बना दिया। छात्राओं ने प्रधानमंत्री की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं, जिनमें “एक पेड़ मां के नाम” थीम पर विशेष रूप से तैयार की गई राखियां भी शामिल थीं।प्रेम से बनाए गए इन धागों ने रक्षाबंधन की भावना को प्रतिबिंबित किया, जो स्नेह, देखभाल, विश्वास और सुरक्षा के स्थायी बंधन का उत्सव है।

बातचीत के दौरान सबसे भावुक क्षणों में से एक तब आया जब एक बच्ची ने प्रधानमंत्री से उनके बचपन के सपने के बारे में पूछा। मोदी ने सरल लेकिन स्नेहपूर्ण जवाब दिया, “आप लोगों को मिलना” — यानी आप सभी से मिलना। इस जवाब से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान आ गई और इसने पूरे आयोजन की गर्मजोशी से भर दिया। मोदी को छात्राओं के साथ करीब से बातचीत करते, शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते, ‘हाई-फाइव’ करते और हंसी के पलों में उनके साथ शामिल होते देखा गया।

प्रधानमंत्री ने बाद में सोशल मीडिया पर इस अवसर की झलकियां साझा कीं और इस अवसर को “आज 7, एलकेएम में रक्षाबंधन समारोह के दौरान हाई 5, मुस्कान और बहुत कुछ” से भरा हुआ बताया। उनके द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में बच्चों को उत्सव के दौरान प्रधानमंत्री के साथ उत्साहपूर्वक बातचीत करते हुए दिखाया गया।


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इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शुभ अवसर पर देशभर के लोगों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि रक्षाबंधन सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लेकर आएगा। लोक कल्याण मार्ग पर हुआ यह समारोह इन भावनाओं को साकार करता हुआ दिखाई दिया, जहां बच्चों ने अपनी हाथ से बनाई राखियां साझा कीं और प्रधानमंत्री के साथ व्यक्तिगत पल बिताए।

छात्राओं के लिए यह देश के नेता से मिलने और उनके साथ उत्सव मनाने का अवसर था, जबकि इस अवसर ने त्योहार में एक व्यक्तिगत और भावनात्मक आयाम भी जोड़ा। रक्षाबंधन, जिसे राखी के नाम से भी जाना जाता है, देश के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है और यह प्रेम, स्नेह और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है, विशेष रूप से भाई-बहन के बीच। बहनें पारंपरिक रूप से अपने भाइयों की कलाई पर पवित्र राखी बांधती हैं, जबकि भाई उनका साथ देने और उनकी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।


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देशभर में परिवार एक साथ इकट्ठा होकर, मिठाइयों और उपहारों का आदान-प्रदान करके और शुभकामनाएं साझा करके इस त्योहार को मनाते हैं। पारंपरिक अनुष्ठानों से परे, रक्षाबंधन स्नेह, आपसी विश्वास और साथ रहने के मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। इस वर्ष प्रधानमंत्री आवास पर हुआ समारोह इस भावना का विशेष रूप से दिल को छू लेने वाला प्रतिबिंब पेश करता दिखाई दिया। जब नन्हे हाथों ने मोदी की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं और समारोह स्थल हंसी और ‘हाई-फाइव’ से गूंज उठा।

हाथ से बनाई गई राखियों, बच्चों की मुस्कान और उनकी बातचीत की गर्मजोशी ने मिलकर याद दिलाया कि रक्षाबंधन का सार उन रिश्तों में है जिन्हें लोग बनाते और संजोते हैं — ऐसे रिश्ते जो स्नेह, देखभाल, विश्वास और साथ रहने की सरल खुशी से मजबूत होते हैं।