जगदलपुर। बीजापुर से गंभीर हालत में रेफर किए गए एक मासूम बच्चे की जान बचाने में शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय (मेकाज), डिमरापाल के चिकित्सकों ने सफलता हासिल की है। संभवतः करैत सांप के डंस, रेस्पिरेटरी फेलियर, गंभीर एनीमिया और फाल्सीपेरम यानी ब्रेन मलेरिया जैसी गंभीर स्थितियों से जूझ रहे बच्चे को बेहद नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। बच्चा कोमा में था और उसकी सांसें उखड़ रही थीं। चिकित्सकों ने तत्काल स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उसे पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती किया और इनवेसिव वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचार शुरू किया। जांच में बच्चे को एस्पिरेशन निमोनिया, रेस्पिरेटरी फेलियर और ब्रेन मलेरिया के साथ गंभीर एनीमिया पाया गया। उसके शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा महज 6.2 ग्राम प्रति डेसीलीटर थी।
जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे बच्चे को जिला अस्पताल बीजापुर से रेफर कर मेकाज लाया गया था। चिकित्सकों ने करीब 30 घंटे तक बच्चे को इनवेसिव वेंटिलेटर और इसके बाद 42 घंटे तक नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन (CPAP) पर रखा। उपचार के दौरान दो बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया और शॉक, ब्रेन मलेरिया सहित अन्य जटिलताओं का गहन उपचार किया गया। लगातार निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख के बाद बच्चे की हालत में उल्लेखनीय सुधार आया है और अब वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है। हालांकि चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज अभी भी जारी है।
इस सफल उपचार में डॉ. अनुरूप साहू, डॉ. डी.आर. मंडावी, डॉ. राहुल पराशर, डॉ. स्मिता वर्मा, डॉ. संजय राव, डॉ. श्रव्या, डॉ. तुषार, डॉ. शैली, डॉ. अभिलेश और डॉ. करण सहित पीआईसीयू एवं चिल्ड्रन वार्ड के चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, वार्ड बॉय और वार्ड आया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
