काठमांडू। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार को मरने वालों की संख्या बढ़कर 350 हो गई है, जबकि करीब 1500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा शव चितवन और नवलपरासी ईस्ट से बरामद हुए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार 288 भारतीयों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है, जिनमें अधिकतर कैलाश मानसरोवर के तीर्थयात्री हैं। इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर भी शामिल हैं।
सेना, पुलिस और सशस्त्र बल की टीमें लगातार सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। हेलिकॉप्टर से फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। लापता लोगों की तलाश जारी है।


