गरियाबंद। देवभोग थाना क्षेत्र के खुटगांव अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर गरियाबंद पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए टायरों के भीतर छिपाकर ले जाए जा रहे 151 किलो अवैध गांजा के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 75.50 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल मेटाडोर वाहन (CG 07 BY 3587) भी जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 20.25 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस को 19 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक मेटाडोर में भारी मात्रा में गांजा भरकर ओडिशा की ओर से देवभोग मार्ग से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही खुटगांव अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर सघन जांच शुरू की गई। कुछ देर बाद संदिग्ध वाहन पहुंचा, जिसे रोककर तलाशी ली गई। शुरुआत में वाहन सामान्य दिखाई दिया, लेकिन गहन जांच में उसके छह टायरों के भीतर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखे गए 151 किलो गांजा के पैकेट बरामद हुए। बरामदगी के बाद पुलिस ने मौके पर दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
पूरी कार्रवाई रायपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश और पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के मार्गदर्शन में की गई। पंचनामा और जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने गांजा एवं मेटाडोर को कब्जे में लिया। आरोपियों के खिलाफ धारा 20(b)(ii)(C) एवं 27A एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत पिछले आठ महीनों में 44 मामलों में 10 क्विंटल 80 किलोग्राम गांजा, 5 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की मादक सामग्री तथा 32 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। इस अभियान में अब तक 86 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित पांडेय (35), पिता स्व. देशराज पांडेय, निवासी चंद्र नगर पंचायत के पीछे, थाना बमीठा, जिला छतरपुर (मध्यप्रदेश) तथा रमेश नायक (52), पिता त्रिनाथ नायक, निवासी एम. रामपुर, तालसागर पाड़ा, थाना एम. रामपुर, जिला कालाहांडी (ओडिशा) के रूप में हुई है। प्रेस विज्ञप्ति में आरोपियों के किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
फिलहाल, छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर पुलिस की चौकसी लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

