*ब्रिक्स ऊर्जा सहयोग के केंद्र में युवा*
नई दिल्ली। भारत ने ब्रिक्स की अपनी अध्यक्षता में 17 अगस्त 2026 को आठवें ब्रिक्स युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी की। इस शिखर सम्मेलन में शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी संस्थानों और ब्रिक्स सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रालयों के युवा ऊर्जा पेशेवरों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स युवा ऊर्जा एजेंसी (ब्रिक्स वाईईए) के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सस्टेनेबल एनर्जी फॉर ऑल (एसईफॉरएएल), इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए) और इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (आईआरईएनए) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास का निर्माण के व्यापक विषय द्वारा निर्देशित है। ऊर्जा क्षेत्र के अंतर्गत, भारत ने सर्वेषां ऊर्जम् (सभी के लिए ऊर्जा) विषय अपनाया है, जो ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन, साउथ अफ्रीका) में सार्वभौमिक, किफायती और समावेशी ऊर्जा पहुंच को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स ऊर्जा सहयोग के केंद्र में युवाओं को रखा गया और नवाचार, उद्यमिता, तकनीकी उन्नति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रेरक के रूप में उनकी भूमिका को मान्यता दी गई। सम्मेलन की चर्चाओं में ब्रिक्स देशों के युवा पेशेवरों, शिक्षाविदों, सरकारी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर भी बल दिया गया।
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सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श में संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, ज्ञान आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से युवा भागीदारी को व्यावहारिक परिणामों में परिवर्तित करने के महत्व पर बल दिया गया। 20 से अधिक युवा पैनलिस्टों ने (1) ऊर्जा सुरक्षा और निरंतरता, (2) ऊर्जा तक पहुंच और समानता तथा (3) प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के तहत, ऊर्जा मिश्रण के विविधीकरण, सुदृढ़ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा तक पहुंच और अभिनव वित्तपोषण, नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों तथा ऊर्जा प्रणालियों के डिजिटलीकरण सहित महत्वपूर्ण विषयों पर अपने-अपने देशों के दृष्टिकोण और अनुभव साझा किए।
चर्चाओं में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सुदृढ़ और विविध ऊर्जा प्रणालियों, सस्ती और समावेशी ऊर्जा उपलब्धता तथा नवीन एवं किफायती वित्तपोषण की आवश्यकता पर व्यापक सहमति व्यक्त की गई। विश्वसनीय ऊर्जा डेटा, अंतरसंचालनीयता, साइबर सुरक्षा और कुशल मानव संसाधनों द्वारा समर्थित तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण को कुशल, सुदृढ़ और मजबूत ऊर्जा प्रणालियों के महत्वपूर्ण प्रवर्तक के रूप में पहचाना गया।
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भारत के युवा प्रतिनिधियों ने ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा पहुंच, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और विद्युत क्षेत्र में सुधारों से संबंधित प्रमुख राष्ट्रीय पहलों तथा उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिनमें पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्यघर योजना, शांति अधिनियम, संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) और इंडिया एनर्जी स्टैक (आईईएस) शामिल हैं। उन्होंने ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने, वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा एवं डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने में भारत के अनुभवों को भी साझा किया। साथ ही, उन्होंने स्मार्ट ग्रिड, भंडारण और ग्रिड सुदृढ़ता पर ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और सहयोग के लिए एक मंच के रूप में ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीसीओई) ऑन स्मार्ट ग्रिड्स एंड एनर्जी स्टोरेज पर प्रकाश डाला।
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आठवें ब्रिक्स युवा ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026 ने सभी के लिए ऊर्जा की परिकल्पना के अनुरूप, ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने और एक सुरक्षित, टिकाऊ, समावेशी तथा भविष्य के लिए ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने में ब्रिक्स देशों के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि की।
