वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि, अमेरिका इन अभ्यासों में ‘बड़ी कटौती’ करेगा। उनके इस फैसले ने वॉशिंगटन, सियोल और प्योंगयांग के बीच रणनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों में कटौती के पीछे उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने ‘बहुत अच्छे संबंध’ का हवाला दिया। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण कोरिया के अमेरिका के ईरान को परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों में शामिल होने से इनकार को भी फैसले की वजह बताया।
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खास बात यह है कि, ट्रंप की घोषणा अमेरिका-दक्षिण कोरिया के वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू होने से कुछ घंटे पहले सामने आई। इससे इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि, सियोल ने स्पष्ट किया कि, उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगे। यह सैन्य अभ्यास 17 से 27 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें करीब 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिक भाग ले रहे हैं। ट्रंप के बयान के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य सहयोग पर इसका दीर्घकालिक असर कितना पड़ता है।
