नई दिल्ली। ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केरल से कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन के बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि, केरल में वंदे मातरम् का पूरा संस्करण नहीं गाया जाएगा। उनका कहना है कि, राज्य में अब तक जिस तरह गीत के शुरुआती दो अंतरे गाए जाते रहे हैं, वही परंपरा जारी रहेगी। उन्नीथन का बयान ऐसे समय आया है जब केरल सरकार के एक निर्देश में स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान वंदे मातरम् के पूरे संस्करण के गायन की बात सामने आई है।
इसी मुद्दे पर राज्य की राजनीति में केंद्र और राज्य के अधिकारों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। दरअसल, संसद ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया है। इसमें वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान है। कानून के तहत जानबूझकर राष्ट्रीय गीत के गायन में बाधा डालने या सभा में व्यवधान पैदा करने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
