झमाझम बारिश से दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार थमी कई इलाकों में जलभराव से घंटों जाम

Follow Us

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को हुई तेज बारिश ने राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सुबह से रुक-रुककर शुरू हुई बारिश ने दोपहर तक कई इलाकों में जोर पकड़ लिया। कुछ ही समय में प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने लगा। जलभराव के कारण कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। बारिश के कारण जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली, वहीं जलभराव और यातायात अव्यवस्था ने उनकी परेशानी बढ़ा दी।

शुक्रवार की बारिश को मौसम के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बारिश ने अगस्त के पहले सप्ताह में वर्षा के मामले में पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम में आए इस बदलाव से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

प्रमुख सड़कों पर लगा लंबा जाम
बारिश शुरू होने के बाद दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की गति कम हो गई और कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार्यालय से लौट रहे लोगों और जरूरी काम से निकले वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

जलभराव वाले मार्गों पर कार, बस और दोपहिया वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते दिखाई दिए। कुछ स्थानों पर पानी इतना अधिक जमा हो गया कि वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।

निचले इलाकों में जलभराव
तेज बारिश का सबसे ज्यादा असर दिल्ली के निचले इलाकों में दिखाई दिया। कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं। जल निकासी की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। कुछ क्षेत्रों में बारिश का पानी सड़कों के साथ आसपास के इलाकों तक पहुंच गया।

जलभराव के कारण पैदल चलने वालों को भी परेशानी हुई। कई लोगों को जूते और कपड़े बचाते हुए पानी से होकर गुजरना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण रही।

दफ्तर जाने और लौटने वालों को परेशानी
बारिश के दौरान सबसे अधिक असर रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ा। सुबह कार्यालय जाने वाले लोगों को कई मार्गों पर धीमी यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ा। शाम को बारिश तेज होने के बाद कार्यालयों से घर लौटने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ गई।

कई यात्रियों ने सार्वजनिक परिवहन का सहारा लिया, लेकिन सड़कों पर जाम के कारण बसों और अन्य वाहनों की गति भी प्रभावित हुई। कुछ लोगों ने जाम से बचने के लिए मेट्रो और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया।

अगस्त के पहले सप्ताह में रिकॉर्ड बारिश
शुक्रवार की बारिश के साथ ही अगस्त के पहले सप्ताह में दिल्ली में बारिश का नया रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह में हुई बारिश ने पिछले 15 वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजधानी में बारिश की स्थिति कई मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से जुड़ी होती है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी बढ़ने और अनुकूल परिस्थितियां बनने पर कम समय में तेज बारिश हो सकती है। रिकॉर्ड बारिश ने जहां मौसम को सुहाना बनाया, वहीं शहर के जल निकासी ढांचे की क्षमता पर भी सवाल खड़े किए हैं।

गर्मी और उमस से मिली राहत
लगातार बारिश से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हो गया। कई लोगों ने मौसम का आनंद भी लिया। हालांकि जिन लोगों को बारिश के दौरान सड़क पर निकलना पड़ा, उनके लिए यह राहत परेशानी में बदल गई। जलभराव और जाम के कारण छोटी दूरी की यात्रा में भी काफी समय लग गया।

यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी एजेंसियां
बारिश के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य करने के लिए संबंधित एजेंसियां सक्रिय हुईं। जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने और यातायात को सुचारु करने के प्रयास किए गए। ट्रैफिक पुलिस ने भी वाहन चालकों को सावधानी से चलने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी। अधिकारियों की ओर से लोगों से अपील की गई कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सड़क की स्थिति देखकर ही मार्ग का चयन करें।

जलभराव ने फिर उठाए सवाल
हर साल मानसून के दौरान दिल्ली में जलभराव की समस्या सामने आती है। तेज बारिश के बाद प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होना राजधानी के लिए पुरानी समस्या बन चुकी है। शुक्रवार की बारिश ने एक बार फिर जल निकासी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी। लगातार बढ़ते शहरीकरण और सड़कों पर बढ़ते यातायात के बीच बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है।

एनसीआर के शहरों में भी असर
बारिश का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। एनसीआर के कई शहरों में भी तेज बारिश के कारण यातायात प्रभावित हुआ। नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के कई हिस्सों में भी लोगों को जलभराव और धीमी यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ा। एनसीआर में बड़ी संख्या में लोग रोजाना दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच आवागमन करते हैं। ऐसे में एक शहर में यातायात प्रभावित होने का असर दूसरे शहरों पर भी पड़ता है।

आगे भी सतर्क रहने की जरूरत
मौसम में बदलाव और अगस्त के पहले सप्ताह में रिकॉर्ड बारिश को देखते हुए लोगों को आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों और जलभराव वाले मार्गों से बचना सुरक्षित रहेगा। फिलहाल शुक्रवार की बारिश ने दिल्ली-एनसीआर को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन इसके साथ राजधानी की यातायात व्यवस्था की कमजोरियां भी सामने आ गईं। प्रमुख मार्गों पर घंटों लगा जाम और जगह-जगह जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। वहीं अगस्त के पहले सप्ताह में 15 साल का बारिश रिकॉर्ड टूटना इस मानसूनी सीजन की सक्रियता को भी दर्शाता है।