नई दिल्ली। महिला आरक्षण को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच सियासी बहस एक बार फिर तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि, महिला आरक्षण कानून को परिसीमन से जोड़ने की जरूरत नहीं है और इसे बिना शर्त लागू किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने रिजिजू की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए कहा कि, महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और कांग्रेस ने भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि, कानून पारित होने के बावजूद इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया।
दरअसल, राहुल गांधी ने महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। उन्होंने कहा कि, किसी भी देश की प्रगति के लिए महिलाओं को अपनी क्षमता और विचारों को खुलकर सामने रखने का अवसर मिलना जरूरी है। इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने राहुल गांधी के रुख में बदलाव का जिक्र किया और उम्मीद जताई कि, कांग्रेस महिला आरक्षण कानून का बिना शर्त समर्थन करेगी। इसके बाद राहुल ने साफ किया कि, कांग्रेस पहले से ही इसका समर्थन करती है। दोनों नेताओं की हाल में संसद में कई बार मुलाकात भी हो चुकी है।
