वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इमिग्रेशन नीति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए दो नए कार्यकारी आदेश (Executive Orders) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें एक आदेश जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता (Birthright Citizenship) के दायरे को सीमित करने और दूसरा ‘बर्थ टूरिज्म’ (Birth Tourism) पर सख्ती बढ़ाने से जुड़ा है। ट्रम्प प्रशासन के अनुसार, नए आदेश का उद्देश्य उन मामलों पर रोक लगाना है, जिनमें विदेशी नागरिक सिर्फ बच्चे को जन्म दिलाकर उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका आते हैं। इसके तहत वीजा नियमों और जांच प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा। हालांकि, आदेशों का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ट्रम्प ने कहा कि उनके द्वारा जारी किए गए आदेश अमेरिकी संविधान के अनुरूप हैं। वहीं, व्हाइट हाउस का कहना है कि इससे इमिग्रेशन सिस्टम में कथित दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि जून में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन के पहले प्रयास पर रोक लगाते हुए कहा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिकता का अधिकार प्राप्त है, चाहे उनके माता-पिता की इमिग्रेशन स्थिति कुछ भी हो। अदालत ने अपने ऐतिहासिक United States v. Wong Kim Ark फैसले का भी हवाला दिया था। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मिलर का कहना है कि 14वां संशोधन मूल रूप से गृह युद्ध के बाद गुलामों के बच्चों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया था, न कि हर विदेशी नागरिक के बच्चे को स्वतः नागरिकता देने के लिए।
नए आदेशों के तहत संदिग्ध मामलों में टूरिस्ट वीजा (B-1/B-2) रद्द या खारिज किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति जन्म दिलाने के उद्देश्य से टूरिस्ट वीजा का इस्तेमाल करता है, तो इसे वीजा धोखाधड़ी माना जा सकता है, जिससे भविष्य में अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा, ‘बर्थ टूरिज्म’ को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क और एजेंसियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, ट्रम्प प्रशासन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और इमिग्रेशन सुधार से जुड़ा अहम कदम बता रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में ‘बर्थ टूरिज्म’ के मामले कुल जन्मों की तुलना में बेहद कम हैं।
