राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का विजन, छत्तीसगढ़ को बनाने का रखा रोडमैप

Follow Us

संसद की समिति बैठक में क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग पार्क, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और वैज्ञानिक खनन पर दिए सुझाव, केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को दिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश।

नई दिल्ली/रायपुर। संसद की कोयला एवं खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) और वाणिज्यिक कोयला खनन सुधारों पर छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भविष्य में भारत की क्रिटिकल मिनरल आधारित औद्योगिक अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य में क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग पार्क और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने वैज्ञानिक खनन, आधुनिक प्रसंस्करण, अनुसंधान, निवेश, कौशल विकास और मूल्य संवर्धन पर आधारित मजबूत खनिज इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता बताई।

सांसद ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर, रक्षा, अंतरिक्ष और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती मांग को देखते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने लिथियम, टिन, रेयर अर्थ तत्व, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, निकेल, टंगस्टन समेत अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और प्रसंस्करण पर जोर दिया।

उन्होंने कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के संभावित क्षेत्रों में खनिज अन्वेषण तेज करने, GSI, MECL, NMET और IBM जैसी संस्थाओं की भूमिका मजबूत करने तथा जिला स्तर पर डिजिटल खनिज डेटाबेस तैयार करने का सुझाव भी दिया। साथ ही स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया।

बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बृजमोहन अग्रवाल के सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सांसद ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ भविष्य की क्रिटिकल मिनरल अर्थव्यवस्था का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।