रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए बड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि, राज्य का लक्ष्य तीरंदाजी में देश का अग्रणी केंद्र बनना है। इसके लिए नवा रायपुर में लगभग 67 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक नेशनल आर्चरी अकादमी बनाई जा रही है, जबकि जशपुर में भी नई आर्चरी अकादमी का निर्माण जारी है। मंत्री ने बताया कि, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नवा रायपुर, रायगढ़ और जशपुर में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हॉकी लीग का भी जल्द आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि, बस्तर और सरगुजा ओलंपिक जैसी प्रतियोगिताओं से हजारों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान हुई है, जिन्हें आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की योजना है। इसके अलावा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत 100 करोड़ रुपये का प्रावधान कर खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस, एथलीट वेलफेयर और आधुनिक खेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को खेल प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बनाना और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
