o प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से किया ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का राष्ट्रीय शुभारंभ, 100 सप्ताह तक चलेगा जन-आंदोलन
एमसीबी। नशे के खिलाफ देशव्यापी जनजागरण को नई गति देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। अभियान के तहत देशभर में एक साथ आयोजित कार्यक्रमों में एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशे से दूर रहने और नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की शपथ ली। यह अभियान आगामी 100 सप्ताह यानी लगभग दो वर्षों तक जन-आंदोलन के रूप में संचालित किया जाएगा। राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर देश के 10 हजार से अधिक स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि, युवा, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठन तथा ‘माय भारत’ के स्वयंसेवक भी इस राष्ट्रव्यापी अभियान से जुड़े।
एमसीबी में भी हुआ जिला स्तरीय आयोजन
इसी कड़ी में मनेन्द्रगढ़ स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी विद्यालय में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव एवं कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने मां शारदा के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों एवं युवाओं ने देखा और सुना। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी, अनीता एवं माधुरी, डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, एसडीएम लिंगराज सिदार, एसडीओ एलक्सियूस टोप्पो, प्राचार्य रामाश्रम शर्मा, संजीव कुमार, अर्चना वैष्णव, जिला खेल अधिकारी विनोद जायसवाल, विनोद पाण्डेय, टी. विजय गोपाल राव, जी.पी. बुनकर एवं परमेश्वर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक एवं युवा उपस्थित रहे।
नशा सिर्फ युवा नहीं, पूरे परिवार के सपनों को करता है तबाह
अभियान के राष्ट्रीय शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, नशामुक्ति का यह अभियान किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा अभियान है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के युवाओं का तन और मन से स्वस्थ, आत्मविश्वास से भरपूर तथा नशे जैसी घातक आदतों से पूरी तरह दूर रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि, नशा केवल एक युवा का भविष्य बर्बाद नहीं करता, बल्कि उसके साथ पूरे परिवार के सपने भी टूटते हैं। नशा मां की मुस्कान छीनता है, पिता के सपनों को चूर करता है, बहन की राखी की उम्मीद को कमजोर करता है और छोटे भाई का सहारा छीन लेता है। इसलिए हर युवा को नशे के जाल में फंसने से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
काशी से निकला विचार बना राष्ट्रीय अभियान
प्रधानमंत्री ने कहा कि, काशी से शुरू हुआ नशा मुक्ति का विचार आज राष्ट्रीय अभियान का स्वरूप ले चुका है। काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा, संतों का आशीर्वाद और भारत की सांस्कृतिक विरासत इस अभियान को नई शक्ति प्रदान कर रही है। देशभर के सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठन भी नशामुक्त भारत के संकल्प के साथ एकजुट हुए हैं। उन्होंने युवाओं को भारत की ‘अमृत पीढ़ी’ बताते हुए कहा कि आने वाले 20-25 वर्षों में यही युवा अपने जीवन के साथ देश को भी दिशा देंगे। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और कल्पनाशक्ति निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी क्षमता और सपनों की रक्षा करनी होगी।
100 सप्ताह तक चलेगा नशामुक्ति का जन-आंदोलन
प्रधानमंत्री ने कहा कि, नशा मुक्ति का यह संकल्प केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। अगले 100 सप्ताह तक नशे के खिलाफ देशव्यापी जनजागरण को लगातार आगे बढ़ाया जाएगा। प्रत्येक रविवार कला, संस्कृति, योग, ध्यान, अध्यात्म और सेवा से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा। विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी और ‘माय भारत’ के स्वयंसेवक भी इस अभियान से जुड़कर युवाओं को जागरूक करेंगे। प्रधानमंत्री ने देश के आध्यात्मिक, सामाजिक और युवा संगठनों से अपील की कि, वे अभियान के दौरान कम से कम एक सप्ताह नशामुक्ति गतिविधियों की अगुवाई करें और व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।
नशे से बाहर निकलने वाला युवा कमजोर नहीं, असली योद्धा
प्रधानमंत्री ने कहा कि, नशे की गिरफ्त से बाहर निकलने वाले व्यक्ति को समाज से अलग करने के बजाय उसे अपनापन, सम्मान और दूसरा अवसर देना चाहिए। नशे को परास्त करके सामान्य जीवन में लौटने वाला युवा कमजोर नहीं, बल्कि असली योद्धा है। उन्होंने परिवारों से बच्चों के साथ खुलकर संवाद करने की अपील करते हुए कहा कि, व्यवहार में अचानक बदलाव, अकेले रहना, देर रात घर लौटना या लगातार खोया-खोया रहना जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते परिवार का सहयोग, सामाजिक समर्थन और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता से युवाओं को नशे से बाहर निकाला जा सकता है।
कॉलेज-कैंपस में भी चले नशे के खिलाफ मुहिम
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों और प्रोफेसरों से आह्वान किया कि, वे विद्यार्थियों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करें तथा अपने कॉलेज एवं विश्वविद्यालय परिसरों में नशा मुक्ति की मुहिम चलाएं। उन्होंने कहा कि, युवाओं को नशे से बचाना केवल सरकार का नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि, केंद्र और राज्य सरकारें नशे के कारोबार एवं तस्करी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं। देश की युवा शक्ति को नशे से बचाना केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य की रक्षा का संकल्प भी है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि, देश की युवा शक्ति, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों की एकजुटता से नशा मुक्त भारत का संकल्प साकार होगा और विकसित भारत की राह और मजबूत होगी। कार्यक्रम का मंच संचालन शिव कुमार चौधरी एवं जया शर्मा ने किया।
