नई दिल्ली। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार (2 अगस्त) तड़के करीब 4:14 बजे भूकंप के झटकों से अफरा-तफरी मच गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 2.9 मापी गई, जिसका केंद्र उत्तरी दिल्ली में जमीन से महज 8 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
गहराई कम होने के कारण आसपास के इलाकों में हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि, तीव्रता कम होने और तड़के का वक्त होने के कारण अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे, जिससे कई लोगों को इसका अहसास तक नहीं हुआ। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
उत्तर भारत में हाल के महीनों में भूकंप की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पहले जून में भी अफगानिस्तान में केंद्र वाले 6.2 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके दिल्ली-NCR तक महसूस किए गए थे। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली ‘सिस्मिक जोन-IV’ (उच्च जोखिम वाले क्षेत्र) में आती है। इसके नीचे दिल्ली-मुरादाबाद, मथुरा और सोहना जैसी तीन प्रमुख फॉल्ट लाइनें मौजूद हैं, जो राजधानी को लगातार भूकंप के मुहाने पर बनाए रखती हैं।
