कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में महिला हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए सनसनीखेज राज सामने लाया है। जिस महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही पति ने की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पति ने पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते ईंट और सीएफएल बल्ब से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि पुलिस की सूझबूझ, तकनीकी जांच और पूछताछ के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया।
यह मामला कवर्धा जिले के लोहारा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान किरण वर्मा के रूप में हुई है। उसके पति द्रोणाचार्य वर्मा को पत्नी के चरित्र पर लंबे समय से संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। जांच में सामने आया कि गुस्से में आकर आरोपी ने पहले पत्नी पर ईंट से हमला किया। इसके बाद सीएफएल बल्ब से भी वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। लगातार हमले के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को छिपाने की कोशिश की ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।
वारदात के बाद आरोपी द्रोणाचार्य वर्मा सीधे थाने पहुंचा और पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया। शुरुआती दौर में मामला गुमशुदगी का प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस को आरोपी की गतिविधियों पर संदेह हुआ। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और साइबर सेल की भी मदद ली गई। जांच के दौरान पुलिस ने 16 जुलाई को ग्राम सिंगारपुर स्थित एक खेत के ट्यूबवेल के पीछे से महिला का शव बरामद किया। शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस का संदेह मृतका के पति पर गहराता गया।
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी द्रोणाचार्य वर्मा टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई ईंट, सीएफएल बल्ब के टूटे हुए टुकड़े तथा खून से सने कपड़े बरामद किए। बरामद साक्ष्यों ने आरोपी के बयान की पुष्टि कर दी। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, साइबर सेल की मदद और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक विवाद और बेबुनियाद शक किस तरह गंभीर अपराध का कारण बन सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घरेलू विवादों का समाधान कानूनी और सामाजिक माध्यमों से करें तथा किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में न लें।
