नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को नीति आयोग (NITI Aayog) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति दो वर्ष के कार्यकाल के लिए की गई है। अनुराग जैन 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें प्रशासनिक सेवा का करीब चार दशक का अनुभव है। अनुराग जैन ऐसे समय में नीति आयोग की कमान संभालेंगे, जब देश वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाने और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दे रहा है। नीति आयोग में उनकी भूमिका ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को आगे बढ़ाने, नीतिगत सुधारों को गति देने और सहकारी संघवाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अनुराग जैन को देश में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को लागू करने की दिशा में अहम योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाली प्रधानमंत्री जन धन योजना की रूपरेखा तैयार करने और उसके क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस योजना के जरिए करोड़ों लोगों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हुई। शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो अनुराग जैन ने वर्ष 1986 में आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक (ऑनर्स) किया। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के सिरैक्यूज विश्वविद्यालय के मैक्सवेल स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (MPA) में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
आईएएस बनने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं। वे भोपाल, मंदसौर और मंडला जैसे जिलों में कलेक्टर रहे। वर्ष 2005 में वे तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। केंद्र सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान अनुराग जैन ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में संयुक्त सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। बाद में वित्तीय सेवा विभाग में रहते हुए उन्होंने जन धन योजना और DBT से जुड़े कई अहम सुधारों को आगे बढ़ाया।
इसके अलावा उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में उन्होंने पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के सचिव रहते हुए उन्होंने देश के सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं की निगरानी की। नीति आयोग के पूर्व CEO बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद खाली था। अब अनुराग जैन की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब सरकार आर्थिक सुधारों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और दीर्घकालिक विकास रणनीति को नई गति देने पर फोकस कर रही है।
