पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान के बाद भी प्रदर्शनकारी बातचीत को तैयार नहीं, छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे का मौन व्रत शुरू

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नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच गतिरोध बरकरार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षा में गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के ऐलान के बाद भी प्रदर्शनकारी संगठन सीजेपी ने सरकार के साथ बातचीत से इनकार कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि वह छात्रों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी स्पष्ट किया है कि सरकार सभी पक्षों से चर्चा कर समाधान निकालने के लिए तैयार है। हालांकि, सीजेपी की ओर से फिलहाल सरकार के साथ वार्ता से दूरी बनाए रखने की बात कही गई है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। यह बैठक करीब 45 मिनट तक चली थी। इसके बाद नड्डा ने कहा था कि सीजेपी के नेता जब भी बातचीत के लिए समय चाहेंगे, सरकार उनसे मिलने को तैयार रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों और पहलुओं पर चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास करेगी। इससे पहले सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि संगठन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई थीं। केंद्र सरकार का कहना है कि बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं और प्रदर्शनकारी जब चाहें चर्चा कर सकते हैं।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार NEET से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग युवाओं की भावनाओं का इस्तेमाल कर आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर गंभीर है। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी छात्रों के समर्थन में मौन आंदोलन शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में उन्होंने गुरुवार को मौन व्रत रखा। इससे पहले अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की अपील की थी।

अन्ना हजारे का कहना है कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च नेता हैं और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उनके सामने रखना जरूरी है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार की ओर से कानूनी कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट और बातचीत की पेशकश की जा रही है, जबकि प्रदर्शनकारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।