जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन 32वें दिन भी जारी, संसद मार्च में शामिल लोगों पर कार्रवाई न करने की नई मांग

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नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन के 32वें दिन पार्टी ने सरकार के सामने अपनी मांगों की सूची में एक और मांग जोड़ दी है। CJP ने 20 जुलाई को हुए संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि अब आंदोलन चार प्रमुख मांगों के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि पहली मांग सोनम वांगचुक की रिहाई है। दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। तीसरी मांग उन बच्चों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है, जिनकी मौत को पार्टी कथित तौर पर परीक्षा व्यवस्था से जोड़ रही है।

रंका ने बताया कि चौथी मांग 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर या अन्य कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आशुतोष रंका ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल कई लोग कार्रवाई के डर से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ी है और उनके खिलाफ किसी भी कार्रवाई का विरोध करेगी। रंका ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप लोगों से पहले हम गिरफ्तार होंगे।” उन्होंने इस बयान के जरिए पार्टी नेतृत्व के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े रहने का संदेश दिया।