नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के पास कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में ले लिया। छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं के साथ पुलिस ने कार्रवाई की। इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। अखिलेश यादव अपने सांसदों के साथ राहुल गांधी के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे।
एफआईआर दर्ज कांग्रेस नेताओं का यह प्रदर्शन छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर किया जा रहा था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास धरना शुरू किया था। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सुरक्षा टीम को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को भी डिटेन कर लिया। प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वह लगातार बस के गेट पर खड़ी रहीं और अंदर जाने से इनकार करती रहीं।
मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने प्रियंका गांधी को बस के अंदर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने विरोध जारी रखा। इसके बाद कई महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़कर बस में बैठाया। इस दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला। हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सरकार डर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि वे सरकार की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे बेहद गंभीर हैं और सरकार को इन पर जवाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के अंदर विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है, इसलिए उन्हें सड़क पर उतरकर जनता की आवाज उठानी पड़ रही है। वहीं, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन का अंत नहीं है, बल्कि राहुल गांधी के नेतृत्व में एक नई शुरुआत है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार चाहे जितनी कार्रवाई कर ले, लेकिन वह युवाओं की आवाज को नहीं दबा सकती।
राहुल गांधी पर साधा निशाना सुरजेवाला ने कहा कि सरकार को उन लाखों छात्रों और युवाओं को जवाब देना होगा, जिनका भविष्य कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी समस्याओं के कारण प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि युवा अपने सपनों और परिवार की उम्मीदों के साथ मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी उनके भविष्य पर असर डालती है। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी गई, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास के बाहर पहुंचकर अपनी बात रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया और छात्रों के मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी कांग्रेस के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। अखिलेश यादव अपने सांसदों के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया था। प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और कई नेताओं को हिरासत में लेकर मौके से हटाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन छात्रों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है। पार्टी ने साफ किया है कि वह युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी।
पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की बात कही है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई बता रही हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

