जगदलपुर। बारिश का मौसम शुरू होते ही बस्तर जिले में मलेरिया के मामले बढ़ने लगे हैं। जनवरी से मई 2026 के बीच जिले में 617 मलेरिया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग के अनुसार बड़ी चुनौती ऐसे संक्रमित हैं, जिनमें बीमारी के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते और संक्रमण चुपचाप फैलता रहता है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मिले 617 मरीजों में 506 पीएफ (प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम) और 111 पीवी (प्लाज्मोडियम विवैक्स) मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। लोहण्डीगुड़ा, बड़ेकिलेपाल और दरभा क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील माने जा रहे हैं।
विभाग ने बताया कि किसी एक मरीज की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य टीम आसपास के करीब 50 घरों में जाकर जांच अभियान चला रही है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। वहीं, 15 जून से 15 जुलाई तक चलाए गए विशेष सर्वेक्षण अभियान के दौरान भी 299 नए मरीजों की पहचान की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और बुखार आने पर तुरंत मलेरिया की जांच कराने की अपील की है। विभाग का कहना है कि इस बार लक्ष्य केवल मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि बिना लक्षण वाले संक्रमितों की समय रहते पहचान कर संक्रमण की श्रृंखला को रोकना भी है।
