अहमदाबाद। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़े अभियान के तहत प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े एक संदिग्ध स्लीपर सेल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। इस कार्रवाई में राज्य के विभिन्न जिलों से अब तक 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है। ATS के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध पिछले दो वर्षों से कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री जुटाने और गन पाउडर की मदद से विस्फोट संबंधी प्रयोग कर रहे थे। एजेंसी का कहना है कि आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कथित नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। अधिकारियों का दावा है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। ATS ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से मोहम्मद अमीन शेरा को इस कथित नेटवर्क का प्रमुख “रेडिकलाइजर” माना जा रहा है। जांच में आरोप है कि वह अन्य सदस्यों को भड़काऊ भाषण, वीडियो और कट्टरपंथी साहित्य साझा करता था। एजेंसी ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में डिजिटल दस्तावेज और ई-बुक्स भी जब्त करने का दावा किया है।
अधिकारियों के अनुसार, बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्ध किन-किन लोगों के संपर्क में थे और उनका नेटवर्क कितना व्यापक था। ATS का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल या अन्य राज्यों से भी जुड़ा हुआ है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।
