रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को राज्य की साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो गई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं वाला आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष द्वारा किए जाने पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि विपक्ष के सदस्यों को ही अपने नेता प्रतिपक्ष पर भरोसा नहीं है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्षी विधायकों से हाथ उठाकर नेता प्रतिपक्ष के प्रति विश्वास जताने को कहा। विपक्षी सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।
इसके बाद अजय चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि यह स्थिति “कॉमेडी” जैसी हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष लेकर आया है, लेकिन विपक्ष के नेता को ही सदन में समर्थन जुटाना पड़ रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर आगे की चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। कांग्रेस ने सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर आरोप लगाए हैं, जबकि भाजपा की ओर से सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का पक्ष रखा जाएगा।
