वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क CNN और Institute for Science and International Security (ISIS) की सैटेलाइट रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान ने पार्चिन सैन्य परिसर में स्थित अपनी भूमिगत परमाणु-संबंधी सुविधा ‘तालेघान-2’ की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों में हमले से प्रभावित क्षेत्र में दोबारा निर्माण गतिविधियों के संकेत मिले हैं। 12 जून की तस्वीरों में कथित तौर पर अमेरिकी हमले से बने बड़े गड्ढों को अस्थायी रूप से ढका हुआ देखा गया, जबकि एकमात्र प्रवेश मार्ग को भी दोबारा तैयार किए जाने के संकेत मिले।
इसके बाद 18 जून की तस्वीरों में मलबा हटाने और सफाई का काम दिखाई देने का दावा किया गया। वहीं, 22 जून तक मरम्मत गतिविधियां शुरू होने और 7 जुलाई की तस्वीरों में क्षतिग्रस्त हिस्से पर क्रेन के जरिए निर्माण कार्य चलने की बात रिपोर्ट में कही गई है। ISIS का कहना है कि ईरान केवल नुकसान का आकलन नहीं कर रहा, बल्कि स्थायी पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और ईरान की ओर से भी इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका ने मार्च महीने में पार्चिन परिसर को निशाना बनाया था, जिसमें भूमिगत सुविधा और आसपास की कुछ संरचनाओं को नुकसान पहुंचा। इसके बाद किए गए दूसरे हमले में तालेघान-1 से जुड़ी कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी परमाणु-संबंधी परिसर की मरम्मत या पुनर्निर्माण अपने आप में परमाणु समझौते के उल्लंघन का प्रमाण नहीं है। इसके लिए यह साबित करना जरूरी होगा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य प्रतिबंधित परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाना है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव, युद्धविराम की स्थिति और रुकी हुई कूटनीतिक बातचीत के बीच यह मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
