नई दिल्ली। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का का मुद्दा देश गरम हो चुका है। हजारों वीडियो सोशल मीडिया पर हैं जिनमें खराब कार या स्कूटर का जिम्मेदार ई20 माना जा रहा है। वहीं, अब खबर है कि सरकार ई25 लाने जा रही है जिस पर बड़ा अपडेट आया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि 25 फीसदी एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल (ई25) का अभी केवल परीक्षण किया जा रहा है और इसे बाजार में उतारने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने इस मामले से जुड़ी सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार वैज्ञानिक अध्ययनों और सभी हितधारकों से चर्चा के बाद ही कोई कदम उठाएगी। ई25 ईंधन की वर्तमान में केवल टेस्टिंग की जा रही है, जिसके पूरे होने की समय-सीमा अभी तय नहीं है।
केंद्रीय मंत्री पुरी ने स्पष्ट किया कि अतीत में मिश्रित ईंधन से इंजन खराब होने की जो भी शिकायतें आईं, जांच में उनके कारण कुछ और ही निकले थे, न कि ईंधन। सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि एथेनॉल का कैलोरीफिक मान कम होने के कारण माइलेज पर मामूली असर पड़ता है, जो सडक़ और ट्रैफिक की स्थिति पर भी निर्भर करता है। सरकार का मानना है कि लोगों के पास फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अन्य किफायती ईंधनों (जैसे मेथनॉल) को चुनने का विकल्प होना चाहिए।
