नशा शराब का हो, ड्रग का, पैसे का हो या सत्ता का वह समाज के लिए घातक ही होता है पर एपस्टीन फाइल से जो सच सामने आया है वह दिखाता है कि जो अपराध अमेरिकी अपराधी जेफरी एपस्टीन और उसकी सोहबत में विश्व के नामी गिरामी लोगों द्वारा किए गए वह सभी तरह के नशे का भयंकर कॉकटेल था. वस्तुत: इस भयंकर अपराध का सिर्फ एक भाग ही सामने आया है. जो सामने नहीं आया है या उसे सामने आने से रोका गया है वह 1000 गुना कहीं ज्यादा भयानक है जैसा कि बहुत से जानकारों का कहना है. जेफरी एपस्टीन का नाम अपराध की दुनिया में एक भयावह रहस्य का पर्याय बन चुका है जिसमें विश्व के कई बड़े राजनेता, उद्योगपति, पावर ब्रोकर और अन्य प्रभावशाली लोग शामिल थे. जेफरी एपस्टीन जिसकी मौत जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में अगस्त 2019 में हुई उसकी आय का कोई ज्ञात स्रोत नहीं था फिर भी उसने अकूत धन संपत्ति का साम्राज्य खड़ा किया जो कि वास्तव में ह्यूमन ट्रैफिकिंग और ब्लैकमेल के जरिए प्राप्त किया गया. प्रभावशाली लोगों को नाबालिग और अन्य लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए उसने एक आइलैंड ही खरीद लिया जहां पर तरह-तरह के व्यभिचार और अन्य अपराध किए जाते थे. एपस्टीन फाइल जिसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही है और जिसके कारण कई देशों में सत्ता से जुड़े कई प्रभावशाली लोगों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है, में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विश्व के सबसे बड़े धनपतियों में शुमार तथा माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार प्रिंस एंड्र्यू, टेक बिलियनेयर एलन मस्क, ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन इत्यादि. कुछ सेलिब्रिटी जो अब इस दुनिया में नहीं हैं जैसे माइकल जैक्सन का नाम भी फाइल्स में है. अन्य नामों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा उद्योगपति अनिल अंबानी हैं. हालांकि अभी तक कुछ को छोड़कर किसी का भी नाम सीधे अपराध में साबित नहीं हुआ है. सत्य यह भी है कि अभी तो सिर्फ 30त्न फाइल ही सामने आये हैं. बहुत से वीडियो, ऑडियो, टेक्स्ट मैसेज इत्यादि एनक्रिप्टेड हैं जिनको खोलने के लिए पासवर्ड जांच एजेंसियों के पास नहीं है. चर्चा में यह भी है कि क्या अमेरिका की जांच एजेंसियां इस बात के लिए गंभीर हैं कि सत्य सामने आ पाए. कारण यह है कि बहुत से नाम और फाइल जिनमें वीडियो भी शामिल हैं को बाहर नहीं आने दिया गया है. चूंकि अमेरिकन प्रेसिडेंट ट्रंप का नाम इन फाइल्स में बार-बार आता है अत: यह शंका है कि अमेरिका की सरकार शायद ही सच्चाई को कभी बाहर आने दे. सिर्फ ट्रंप ही नहीं इतने प्रभावशाली लोगों के नाम इन फाइलों में हैं जिनके कारण शायद ही कभी पूरा सच सामने आ पाए. जांच एजेंसियों के अनुसार जेफरी एपस्टीन की मृत्यु सुसाइड के कारण हुई पर कुछ विशेषज्ञों के अनुसार जो परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं वो एपस्टीन के साथ किसी अनहोनी की घटना की तरफ इशारा करते हैं जैसे एपस्टीन के गर्दन पर दो-तीन जगह चोट के निशान, उसके द्वारा कथित रूप से आत्महत्या के समय उसके सेल में किसी अन्य का न होना और उस समय सीसीटीवी कैमरा का वर्किंग कंडीशन में नहीं पाया जाना. भारत में हरदीप पुरी का नाम फाइलों में आने से राजनीति गर्म है. विपक्ष उनके त्यागपत्र की मांग कर रहा है. हरदीप पुरी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी सफाई दे चुके हैं. पर विपक्ष विशेषकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लगभग रोजाना पुरी से जुड़ी कोई न कोई नया तथ्य लेकर सामने आ रहे हैं और बार-बार उनके त्यागपत्र की मांग कर रहे हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पुरी को उनके जन्मदिन पर बधाई दिए जाने से राजनीति और गर्म हो गई है. विपक्ष प्रधानमंत्री पर भी एपस्टीन फाइलों से जोड़कर आरोप लगा रहा है और कह रहा है कि प्रधानमंत्री जानबूझकर पुरी को बचा रहे हैं. पुरी इस बात का बचाव भी नहीं ले सकते कि जब वर्ष 2014 में और उसके बाद उनकी मुलाकात एप्सटीन से हुई तब वह अपराधी नहीं था. एप्सटीन 2009 में ही यौन अपराधों के लिए दोषी करार दिया जा चुका था और जेल की सजा भी काट चुका था. कुल मिलाकर एपस्टीन फाइल वह बारूद है जो पूरे विश्व में राजनीति को और कई देशों में सरकारों को प्रभावित कर रही है. बताया जाता है कि एपस्टीन के आइलैंड में जो बिल्डिंग थी और जहां पर नाबालिग तथा अन्य अन्य लड़कियों को ले जाया जाता था वहां हर जगह जगह छिपे हुए कैमरे लगे हुए थे जिनके माध्यम से व्यभिचार में शामिल लोगों का वीडियो बनाया जाता था.
बताया जाता है कि इन्हीं वीडियो और फोटोज के वजह से एपस्टीन कई देशों में सरकारों के नीतियों को भी प्रभावित करता था. अभी जो फाइल सामने आई हैं उनसे विश्व में भूचाल मचा हुआ है पर जो फाइल्स अभी भी आम लोगों की नजरों से बाहर हैं अगर वो सामने आ गए तो महाभूचाल मचना निश्चित है. कितनी सरकारों, राजनेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों को यह प्रभावित करेगा यह अभी बताना मुश्किल है पर आने वाले समय में अभी और कई प्रभावशाली लोगों के त्यागपत्र सामने आने वाले हैं.
