एमसीबी : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी उम्मीद की किरण: सिर्फ एक सप्ताह में बना अभिनव द्विवेदी का आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
सिर्फ एक सप्ताह में मिली राहतरू मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से बना अभिनव का आयुष्मान कार्ड, अब मिलेगा 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार
एमसीबी/रायपुर। शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुँचे और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सीएम साय की इसी सुशासन की सोच को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 लगातार साकार कर रही है। मनेंद्रगढ़ निवासी अभिनव द्विवेदी की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ एक शिकायत ने महज़ एक सप्ताह में उनकी चिंता को राहत में बदल दिया। काफी समय से आयुष्मान कार्ड नहीं बनने के कारण अभिनव द्विवेदी शासन की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे थे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद कार्ड जारी नहीं होने से वे परेशान थे। अंततः उन्होंने अपनी समस्या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई और समाधान की उम्मीद जताई।
शिकायत प्राप्त होते ही प्रकरण को स्वास्थ्य विभाग के पास भेजा गया। विभाग ने मामले को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई की। लगातार मॉनिटरिंग और त्वरित प्रयासों के परिणामस्वरूप सिर्फ एक सप्ताह के भीतर अभिनव द्विवेदी का आयुष्मान कार्ड बनकर तैयार हो गया। आयुष्मान कार्ड बनने के साथ ही अभिनव अब आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें भविष्य में गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।
शिकायत के निराकरण के बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जब अभिनव से फीडबैक लिया गया, तो उन्होंने बताया कि उनकी समस्या का पूरी तरह समाधान हो चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि, उन्हें इतनी शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने सीएम साय, स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन वास्तव में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद माध्यम बन चुकी है।
यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का मंच नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान का प्रभावी माध्यम है। जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और सुशासन की भावना निरंतर सशक्त होती रहे।
