नई दिल्ली। ग्रामीण श्रमिकों के लिए 1 जुलाई से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने नई ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन) को लागू करने का ऐलान किया है। सरकार के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब साल में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। साथ ही दैनिक मजदूरी भी बढ़ाकर औसतन रु.327.40 प्रतिदिन कर दी गई है, जो पहले लगभग रु.298.80 थी।
नई योजना का औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से किया जाएगा। इस दौरान लाभार्थियों को नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे और योजना की जानकारी दी जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को रु.95,692.31 करोड़ की अंतरिम राशि जारी की जा चुकी है। इससे रोजगार उपलब्ध कराने, समय पर मजदूरी भुगतान और विकास कार्यों को बिना किसी रुकावट जारी रखने में मदद मिलेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि, जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, वे नए कार्ड मिलने तक अपने पुराने जॉब कार्ड के आधार पर काम कर सकेंगे। ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी और जल संरक्षण, कृषि विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे तथा महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार और आजीविका को और मजबूती मिलेगी।
