बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खेत समतल कराने के नाम पर एक संगठित गिरोह ने रिटायर्ड शिक्षक से 9 लाख रुपए की ठगी कर ली। यह पूरा मामला कोटा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित 65 वर्षीय रामनारायण सिंह पोर्ते श्रीपारा के निवासी और सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उनकी ग्राम नवागांव चारापारा में करीब तीन एकड़ कृषि भूमि है। वे अपनी जमीन को खेती योग्य बनाने के लिए जेसीबी मशीन की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
जानकारी के अनुसार, 22 जून की सुबह लगभग 9 से 10 बजे के बीच एक अज्ञात युवक मोटरसाइकिल से उनके घर पहुंचा। उसने खुद को राजस्थान से आने वाला बताया और खेत समतल करने का काम करने की बात कही। बातचीत के दौरान उसने भरोसा दिलाया कि वह सस्ते और तेजी से खेत तैयार करा सकता है। इसके बाद वह पीड़ित को अपनी बाइक पर बैठाकर खेत दिखाने के बहाने ले गया। अगले दिन 23 जून को वही युवक दोबारा उनके घर पहुंचा। उसने दावा किया कि उनके खेत में जेसीबी मशीन काम कर रही है। वह उन्हें खेत पर ले गया, जहां वास्तव में एक जेसीबी मशीन चलती हुई दिखाई दी। इस दृश्य ने पीड़ित का भरोसा और मजबूत कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने खेत की नापजोख की और बताया कि पूरा काम 9 लाख रुपए में हो जाएगा।
ठगों ने यह भी कहा कि काम तेजी से पूरा करने के लिए एक और जेसीबी मशीन लाई जा रही है। इसी दौरान उन्होंने तत्काल भुगतान करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने रिटायर्ड शिक्षक को जल्द निर्णय लेने के लिए मानसिक रूप से दबाव में लिया। इसी बीच खेत से कुछ दूरी पर मध्यप्रदेश नंबर प्लेट वाली एक सफेद स्कॉर्पियो (MP-20-XA-7507) खड़ी थी, जिसमें 4 से 5 लोग कुर्ता-पायजामा पहनकर बैठे थे। ये लोग भी बातचीत में शामिल हुए और पूरे मामले को वास्तविक दिखाने का प्रयास किया।
आरोपियों के दबाव में आकर पीड़ित ने घर से 2 लाख रुपए निकालकर मोटरसाइकिल चालक को दे दिए। इसके बाद ठगों ने बाकी 7 लाख रुपए तुरंत देने की मांग की। लगातार दबाव बनाए जाने पर पीड़ित अपने बेटे राजेन्द्र कुमार पोर्ते के साथ पंजाब नेशनल बैंक, कोटा पहुंचे और खाते से 7 लाख रुपए निकालकर आरोपियों को सौंप दिए। रकम मिलने के तुरंत बाद आरोपियों ने कहा कि वे खेत की ओर जा रहे हैं और वहां काम शुरू कर रहे हैं। इसके बाद वे काली रंग की बाइक से वहां से निकल गए। लेकिन जब पीड़ित और उनका बेटा खेत पहुंचे तो वहां न तो जेसीबी मशीन थी और न ही कोई मजदूर या आरोपी मौजूद था। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब किसी का पता नहीं चला, तब पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ सुनियोजित तरीके से ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने कोटा थाना में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले में मोटरसाइकिल चालक, जेसीबी चालक, स्कॉर्पियो चालक और अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि गैंग की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और बैंक ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। यह मामला एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय ठगी गिरोहों की कार्यप्रणाली को उजागर करता है, जो किसानों और आम लोगों को झांसे में लेकर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले पूरी तरह सत्यापन जरूर करें।
