कोरिया।/रायपुर। जिले में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में निःशुल्क आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन कर टीबी की पहचान और रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
जिला चिकित्सालय से मिली जानकारी के अनुसार मार्च 2026 से प्रारंभ हुए अभियान के 77वें दिन तक जिले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिले के 34 उच्च जोखिम गांवों में अब तक 82 आयुष्मान आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन, बीपी, शुगर, एनीमिया और बीएमआई जांच के माध्यम से लोगों की व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है, जिससे टीबी के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों की समय रहते पहचान संभव हो रही है।

अब तक कुल 27,574 व्यक्तियों का पंजीयन किया गया है, जिनमें से 12,581 लोगों की एक्स-रे जांच की जा चुकी है, जो लगभग 45 प्रतिशत है। जिले में एक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन और तीन स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित एक्स-रे मशीनों के माध्यम से जांच कार्य किया जा रहा है। पीएम टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में 53 निक्षय मित्र बनाए गए हैं, जिनके सहयोग से टीबी मरीजों को निःशुल्क पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है। प्रत्येक मरीज को उपचार के दौरान फूड बॉक्स उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य सुधार में सहायता दी जा रही है।
अभियान के तहत अब तक 33 नए टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में जिले में 115 टीबी मरीज उपचाररत हैं। साथ ही मरीजों के परिजनों को टीबी संक्रमण से बचाव हेतु टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी भी प्रदान की जा रही है। कार्यक्रमों के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा “टीबी मुक्त भारत”, “टीबी मुक्त छत्तीसगढ़” और “टीबी मुक्त कोरिया” की शपथ दिलाई जा रही है। लोगों को “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संदेश के साथ अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

’कलेक्टर की अपील’:
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिलेवासियों से अपील की है कि, वे टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि, समाज के प्रत्येक व्यक्ति को निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को सहयोग देना चाहिए, जिससे जिले को शीघ्र ही टीबी मुक्त बनाया जा सके।उन्होंने कहा कि, कोरिया जिला टीबी मुक्त होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और जनभागीदारी के बिना यह लक्ष्य संभव नहीं है।
