बस्तर में रोजगार, सिंचाई और डेयरी क्रांति की तैयारी: नीति आयोग में सीएम साय ने रखा विकास का रोडमैप

Follow Us

दिल्ली/रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बस्तर के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत करते हुए कहा कि क्षेत्र को रोजगार, कृषि, सिंचाई, डेयरी, शिक्षा और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में डेयरी मॉडल को बढ़ावा देकर आदिवासी परिवारों को स्थायी आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सिंचाई परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेती के लिए पानी उपलब्ध होगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में एजुकेशन सिटी, स्मार्ट क्लासरूम और स्थानीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन, एआई, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप सेक्टर में निवेश बढ़ाकर युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है और बस्तर इस परिवर्तन का प्रमुख केंद्र बनेगा।