मुंबई। म्यूचुअल फंड बाजार में खुदरा (रिटेल) निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में रु.22,907.77 करोड़ का भारी-भरकम शुद्ध निवेश (नेट इनफ्लो) दर्ज किया गया है। निवेशकों के इस जबरदस्त उत्साह के कारण पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधित परिसंपत्ति (AUM) उछलकर रु.81.58 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जबकि कुल फोलियो की संख्या बढ़कर 27.65 करोड़ हो गई है।
इस बार निवेशकों की सबसे पहली पसंद डायवर्सिफाइड स्कीम्स रहीं। कैटेगरी के हिसाब से देखें तो ‘फ्लेक्सी-कैप फंड्स’ में सबसे ज्यादा रु.5,175.54 करोड़ का निवेश आया। इसके बाद स्मॉल-कैप फंड्स में रु.4,945.57 करोड़ और मिड-कैप फंड्स में रु.4,385.06 करोड़ की भारी लिवाली देखी गई। इन तीनों श्रेणियों का कुल निवेश रु.14,500 करोड़ से अधिक रहा, जो मई के कुल इक्विटी निवेश का 63% से भी ज्यादा है। इसके अलावा, लार्ज एंड मिड-कैप फंड्स में रु.3,278.22 करोड़ और मल्टी-कैप में रु.2,291.01 करोड़ का फ्लो आया।
सिर्फ इक्विटी ही नहीं, बल्कि हाइब्रिड स्कीमों में भी निवेशकों ने दिल खोलकर रु.10,560.24 करोड़ लगाए, जिसमें आर्बिट्रेज फंड्स रु.5,697.90 करोड़ के साथ सबसे आगे रहे। पैसिव फंड्स की बात करें तो इंडेक्स फंड्स में रु.943.26 करोड़ का निवेश हुआ। हालांकि, इस दौरान सोने की चमक थोड़ी फीकी रही और गोल्ड ETF से रु.725.04 करोड़ की शुद्ध निकासी (आउटफ्लो) देखी गई। हालांकि यह निवेश अप्रैल के रु.38,440.20 करोड़ के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन बाजार की लगातार बढ़ती गहराई को साफ दर्शाता है।
