रायपुर। आज सोमवार को राजधानी रायपुर के आरडी तिवारी आत्मानंद स्कूल पहुंचकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्कूल प्रिंसिपल से सुविधाओं के अभाव को लेकर चर्चा की गई। जहां प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल से जुड़ी कई व्यवस्थाओं को लेकर शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। वहीं इस परिस्थिति को देखते हुए कांग्रेस ने आर्थिक तौर पर सहयोग देने की बात कही।
वहीं कांग्रेस ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की मूल भावना को खत्म करने का आरोप लगाया है। आपको बता दें की रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि आत्मानंद स्कूलों में आज स्थिति ऐसी है कि न पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया जा रहा है और न योग्य अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक, प्राचार्य नियुक्त किए जा रहे हैं। इसके अलावा बुनियादी संसाधन जैसे कुर्सी, टेबल, लैब सामग्री, ड्रेस भी समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं यह भी आरोप है की डीएमएफ फंड में भी कटौती किया जा रहा है। श्रीकुमार मेनन ने आरोप लगाते हुए कहा कि डीएमएफ फंड, जो पहले प्रति स्कूल 5 से 6 लाख रुपए हुआ करता था, उसे घटाकर अब 2 लाख रुपए से भी कम कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरिट और पारदर्शिता की जगह अब राजनीतिक सिफारिशों ने ले ली है। वहीं पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस ने निर्णय किया कि अगर सरकार इन स्कूलों को फंड नहीं दे पाएगी तो कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता अपनी जेब से स्कूल के खर्चों का भुगतान करेंगे। इसके लिए बकायदा चंदा इकट्ठा किया जाएगा।
