रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में रविवार को सर्वर ठप होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि तकनीकी खराबी के चलते अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था बाधित हो गई, जिससे मरीजों की भर्ती और पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हुई। कहा जा रहा है कि अस्पताल में बेड उपलब्ध होने के बावजूद कई मरीजों, जिनमें कैंसर से पीड़ित मरीज भी शामिल हैं, को भर्ती नहीं किया जा सका। भीषण गर्मी में सुबह से पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि सर्वर ठप होने के कारण गंभीर मरीजों की भर्ती प्रभावित हुई, जबकि अस्पताल में बेड खाली थे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में तकनीकी खामियों का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, एम्स रायपुर में डिजिटल सिस्टम पर अत्यधिक निर्भरता के कारण सर्वर समस्या का असर पंजीयन, भर्ती और अन्य प्रक्रियाओं पर पड़ा। इसके चलते बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर मरीजों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनमें MRI जांच के लिए लंबी वेटिंग और सीमित संसाधनों की बात कही जा रही है। दावा है कि कुछ मरीजों को जांच के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े अस्पतालों में तकनीकी ढांचे और संसाधनों को मजबूत करना जरूरी है, ताकि ऐसी समस्याओं का असर मरीजों पर न पड़े।
एम्स रायपुर प्रशासन की ओर से इस मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
