जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा बने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत की गई है। केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय (न्याय विभाग) की अधिसूचना के अनुसार, जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के बाद यह पद रिक्त हुआ था, जिसके चलते कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति आवश्यक हो गई थी।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने 21 जुलाई 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थानांतरित होकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कार्यभार संभाला था। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक (ऑनर्स) और कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 8 मई 1993 को अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और दीवानी, संवैधानिक तथा सेवा कानून के क्षेत्रों में लंबा अनुभव हासिल किया। 2013 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था। इसके बाद 3 फरवरी 2014 को वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 1 फरवरी 2016 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए। उनकी पीठ ने कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय दिए हैं, जिनमें निठारी हत्याकांड और अवैध खनन से जुड़े मामले प्रमुख हैं।