उज्जैन में सिंहस्थ सा नजारा: गंगा दशमी पर शिप्रा तट पर उमड़े साधु-संत, विदेशी भक्तों ने भी किया मां का पूजन

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उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन पर्व पर एक बार फिर मिनी सिंहस्थ सा अद्भुत नजारा देखने को मिला। दत्त अखाड़ा घाट पर अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र पुरी, महासचिव हरी गिरी और दिवंगत पायलट बाबा की शिष्या महामंडलेश्वर केला पुरी (केको आइकवा) के सानिध्य में मां शिप्रा का पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन और महाआरती की गई। इस पावन अवसर पर सनातन संस्कृति के रंग में रंगे जापान से आए कई विदेशी भक्त भी पूजन में शामिल हुए, जो घाट पर आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।

पूजन से पहले अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री ने खुद साधु-संतों के साथ मिलकर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया और साफ-सफाई करने के बाद शिप्रा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद दत्त अखाड़े से भव्य और पारंपरिक ‘पेशवाई’ (शाही जुलूस) निकाली गई। घोड़े, बग्गी और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ निकली इस दिव्य पेशवाई का शहर के विभिन्न मार्गों पर भव्य स्वागत किया गया, जो दातार अखाड़े पर जाकर संपन्न हुई।

अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्रपुरी ने शिप्रा नदी के महत्व को बताते हुए कहा कि हरिद्वार के बाद उज्जैन में शिप्रा पूजन का विशेष फल मिलता है। इसी दौरान संतों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिप्रा नदी को हमेशा शुद्ध और अविरल जल से भरपूर बनाए रखने की विशेष अपील भी की।