नई दिल्ली। अभिनेत्री अनुप्रिया गोयनका इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘बॉम्बे स्टोरीज’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रही हैं। मशहूर निर्देशक राहत शाह काजमी के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की जा रही है। अनुप्रिया के करियर के लिए यह बेहद ऐतिहासिक और भावुक पल है, क्योंकि यह उनकी पहली इंडिपेंडेंट फिल्म है। यह फिल्म जाने-माने लेखक सआदत हसन मंटो की मशहूर कहानी ‘हतक’ (जिसका अर्थ अपमान होता है) से प्रेरित है। फिल्म में अनुप्रिया के साथ मौनी रॉय और सुष्मिता सिंह भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रही हैं।
इस फिल्म में अनुप्रिया ने ‘सौगंधी’ नाम की एक सेक्स वर्कर का बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया है। अपने इस अनुभव को साझा करते हुए अनुप्रिया ने बताया कि सौगंधी ने अपनी जिंदगी की कड़वी सच्चाई को स्वीकार कर लिया है, लेकिन उसके भीतर भी प्यार, गरिमा और सम्मान पाने की गहरी चाहत है। वह समाज की रूढ़िवादी सोच और लोगों के जजमेंट के बीच अपनी पहचान तलाश रही है। अनुप्रिया का मानना है कि इस किरदार को जीते हुए उन्होंने एक महिला की अंतरात्मा और उसके विभिन्न पहलुओं को बहुत करीब से महसूस किया है।
सेक्स वर्क और समाज के दोहरे रवैये पर खुलकर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि समाज अक्सर इन महिलाओं को इंसान के बजाय सिर्फ एक वस्तु की तरह देखता है, जबकि उनके भी सपने और भावनाएं होती हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई अपनी मर्जी से इस पेशे को चुनता है, तो इसे किसी भी अन्य काम की तरह ही देखा जाना चाहिए और समाज को उन्हें जज करने का कोई हक नहीं है। हालांकि, जब किसी मासूम को मजबूरी में इस दलदल में धकेला जाता है, तब यह बेहद दर्दनाक और गलत हो जाता है। कुल मिलाकर, ‘बॉम्बे स्टोरीज’ समाज के छिपे हुए काले सच को बड़े पर्दे पर बेबाकी से उजागर करती है।
